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Best 50+ Quotes & Slogans By Dr.B.R.Ambedkar In Hindi

Best 50+ Quotes & Slogans By Dr.B.R.Ambedkar In Hindi
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हम आपके लिए लाये हैं “Best 50+ Quotes & Slogans By Dr.B.R.Ambedkar In Hindi” आशा करता हूँ की ये आपको जरूर पसंद आएँगी

Best 50+ Quotes & Slogans By Dr.B.R.Ambedkar In Hindi
Best 50+ Quotes & Slogans By Dr.B.R.Ambedkar In Hindi

रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्यों कि मेरा समाज सो रहा है।


एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्प क्ष होना चाहिए।


इतिहास गवाह हैं कि जहाँ नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।


इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्तक किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्या नहीं है।


मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए।


एक महान व्यक्ति एक प्रख्यात व्यक्ति से एक ही बिंदु पर भिन्न हैं कि महान व्यक्ति समाज का सेवक बनने के लिए तत्पर रहता हैं।


एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।


मनुष्य एवम उसके धर्म को समाज के द्वारा नैतिकता के आधार पर चयन करना चाहिये |अगर धर्म को ही मनुष्य के लिए सब कुछ मान लिया जायेगा तो किन्ही और मानको का कोई मूल्य नहीं रह जायेगा |


बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।


मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ।


पति- पत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ट मित्रों के सम्बन्ध के सामान होना चाहिए ।


हर व्यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता को दोहराता है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता।


हम आदि से अंत तक भारतीय है।


उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्म की बीमारी है।


लोग और उनके धर्म, सामाजिक नैतिकता के आधार पर, सामाजिक मानकों द्वारा परखे जाने चाहिए। अगर धर्म को लोगों के भले के लिये आवश्यक वस्तु मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा।


यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।


लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है।


जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।


क़ानून और व्यवस्था राजनीति रूपी शरीर की दवा है और जब राजनीति रूपी शरीर बीमार पड़ जाएँ तो दवा अवश्य दी जानी चाहिए।


संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्ता वेज नहीं। यह जीवन का एक माध्य।म है।


किसी भी कौम का विकास उस कौम की महिलाओं के विकास से मापा जाता हैं |


जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है!~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर


जिस तरह मनुष्य नश्वर है ठीक उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। जिस तरह पौधे को पानी की जरूरत पड़ती है उसी तरह एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरुरत होती है वरना दोनों मुरझा कर मर जाते है।


जो धर्म जन्म़ से एक को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।


जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है।


राष्ट्ररवाद तभी औचित्यो ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्तलर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्व को सर्वोच्चत स्था न दिया जाये।


महात्माज आये और चले गये परन्तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं।


अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ!~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर


जिस तरह हर एक व्यक्ति यह सिधांत दोहराता हैं कि एक देश दुसरे देश पर शासन नहीं कर सकता उसी प्रकार उसे यह भी मानना होगा कि एक वर्ग दुसरे पर शासन नहीं कर सकता |


मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाये।


मन की स्वीतंत्रता ही वास्तिविक स्वततंत्रता है।


आज भारतीय दो अलग-अलग विचारधाराओं द्वारा शासित हो रहे हैं। उनके राजनीतिक आदर्श जो संविधान के प्रस्तावना में इंगित हैं वो स्वतंत्रता, समानता, और भाई -चारे को स्थापित करते हैं और उनके धर्म में समाहित सामाजिक आदर्श इससे इनकार करते हैं।


एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग है क्योंकि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।


शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए।


अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो।


एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए न्याय, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था का होना भी बहुत आवश्यक है।


मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्छाि है, मेरे बताए हुए रास्तें पर चलें।


राजनीतिक अत्याचार सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है और एक सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है वो सरकार को खारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से ज्यादा साहसी हैं।


स्वततंत्रता का रहस्य , साहस है और साहस एक पार्टी में व्यनक्तियों के संयोजन से पैदा होता है।


हिंदू धर्म में, विवेक, कारण, और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।


किसी का भी स्वाकद बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता।


हमारे पास यह स्वतंत्रता किस लिए है? हमारे पास ये स्वत्नत्रता इसलिए है ताकि हम अपने सामाजिक व्यवस्था, जो असमानता, भेद-भाव और अन्य चीजों से भरी है, जो हमारे मौलिक अधिकारों से टकराव में है, को सुधार सकें।


जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए ।


मनुवाद को जड़ से समाप्तन करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्यई है।


ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं।


यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं, तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।


सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूँद के विपरीत , इंसान जिस समाज में रहता है वहां अपनी पहचान नहीं खोता । इंसान का जीवन स्वतंत्र है । वो सिर्फ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है , बल्कि स्वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है ।


जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हांसिल कर लेते, क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके किसी काम की नहीं।


न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।


समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

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