निबंध

दीपावली पर निबंध हिंदी में | Essay on Diwali in Hindi

दिवाली हिन्दुओं का धार्मिक त्योहार है, जिसमें घरों, सड़कों, दुकानों, मंदिरों, बाजारों आदि पर हर जगह प्रकाश की रोशनी करके उत्सव मनाया जाता है।

दीपावली पर निबंध

Essay on Diwali in Hindi for students, child in  200, 250, 300, 400 and 600 words. The essay of diwali in hindi language is also useful for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12.

हिंदू धर्म के लोग दिवाली के इस विशेष त्योहार के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं। यह सभी के लिए महत्वपूर्ण और पसंदीदा त्योहार है। अपने बच्चों को दिवाली के त्योहार के इतिहास और महत्व को बताने के लिए निम्नलिखित निबंध का उपयोग करें|

दिवाली निबंध – 1 (200 शब्द)

दीवाली भारत का सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्योहार है जो देश में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी हर साल बड़े हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम रावण को मार कर 14 साल बाद अयोध्या लौटे थे। भगवान राम के अयोध्या लोटने की ख़ुशी में वहां के लोगों के अपने घरों और रस्ते पर दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था।

यह एक पवित्र हिंदू त्योहार है जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन लोग अच्छे अच्छे कपडे पहनते हैं और चारों ओर आतिशबाज़ी करके आपस में खुशियाँ मानते हैं।

दिवाली के समय बाजारों को नई लाइटें लगाकर सजाया जाता है। बाजारों दुल्हन की जैसे सजाया जाता हैं। इन दिनों बाजारों में काफी भीड़ देखने को मिलती है। कपड़े वाले, मिठाई वाले, पटाखे वाले आदि सभी की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है। दिवाली से कुछ दिन पहले ही लोग अपने घरों की सफाई शुरु कर देते हैं जिससे कि उनके घर लक्ष्मी का आगमन हो। घरों को दीवारों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। इस दिन घर के सभी लोग मिलकर लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं।

यह लोगों की आम धारणा है कि इस दिन नई चीजें खरीदना शुभ होता हैं। लोग उपहार, कपड़े, मिठाई, सजावटी चीजें, पटाखे और आदि खरीदते हैं।  शाम के सामान्य लक्ष्मी पूजा आयोजित की जाती है। लोग स्नान करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और फिर पूजा शुरू करते हैं। पूजा के बाद वे प्रसाद वितरित करते हैं और एक दूसरे को उपहार बांटते हैं। वे खुश और समृद्ध जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं और आखिर में वे पटाखे जलाते हैं और खेल खेलते हैं।

दिवाली निबंध (250 शब्द)

भारत में त्योहारों का अपना एक अलग महत्व है। यहां पर सभी त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है लेकिन उनमें से एक ऐसा त्यौहार है जिसका अपना एक अलग ही महत्व है। यह त्यौहार है दिवाली का जो हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने में दशहरे के त्योहार के 20 दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन लोग दीप जलाकर, मिठाई बांटकर और आतिशबाज़ी करके अपनी खुशी व्यक्त करते हैं।

दिवाली का त्यौहार रोशनी का त्योहार है। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है जिससे घर में सुख समृद्धि आती है। धन धान्य की वर्षा होती है और हमारे सारे कष्ट दूर होते हैं। दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम ने धर्म की स्थापना के लिए लंका नरेश रावण का वध किया था और उनके स्वागत में लोगों ने दीप जलाकर अपनी खुशी व्यक्त की थी।

दिवाली के दिन लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए लोग अपने कार्यालय और दुकान में रंग-रोगन करवाते हैं और उन्हें सजाते हैं जिससे कि उनके व्यापार में वृद्धि हो। लोगों के बीच यह आम धारणा है कि इस समय नई चीजें खरीदना शुभ होता है। ऐसा करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और उनके घर पधारती हैं।

इस दिन लोग उपहार, कपड़े, मिठाई, सजावटी चीजें, पटाखे, आदि खरीदते हैं। बच्चों को यह चीजें काफी पसंद आती हैं। शाम के समय लोग दिए जलाते हैं और लक्ष्मी पूजा की जाती है। लोग स्नान करते हैं। नए कपड़े पहनते हैं और उसके बाद पूरे विधि-विधान से लक्ष्मी जी की आराधना करते हैं। महिलाएं अपने पड़ोसियों के यहां दीया रखने जाती हैं। लोग एक दूसरे को उपहार देते हैं तथा एक दूसरे के मंगल की कामना करते हैं। अंत में लोग आपस में मिलकर पटाखे जलाते हैं और खेल खेलते हैं।

दिवाली निबंध (300 शब्द)

दिवाली एक रोशनी का त्योहार है। कुछ लोग इसे दीपावली या दिवाली कहकर संबोधित करते हैं। दीपावली अंधेरे पर रोशनी की जीत का प्रतीक है। इसे पुरे भारत में मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।

दिवाली को मनाने के बहुत से कारण हैं। जैन धर्म में ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान महावीर को निर्वाण प्राप्त हुआ और वे स्वर्ग चले गए थे। हिंदुओं में माना जाता है कि इस दिन भगवान राम रावण को मार कर अयोध्या लौटे थे।

दिवाली से पहले घर की सफाई की जाती है तथा रंग रोगन किया जाता है। दिवाली के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, मिठाई बांटते हैं, पटाखे छोड़ते हैं, तथा एक दूसरे के घर जाकर दिवाली की बधाई देते हैं।

इस दिन पूजा करके लक्ष्मी जी को घर आने का न्योता दिया जाता है। व्यापारी अपने पिछले साल के बही-खाते बंद कर देते हैं और नये खाते खोलते हैं। दुकानों पर सजावट की जाती है तथा पुराना सामान गरीबों में बांट दिया जाता है। दिवाली की शाम सभी घर दीयों की रौशनी में जगमगाते हैं। इस दिन अमीर गरीब का भेद मिट जाता है और सभी एक साथ मिलकर खुशियां बांटते हैं।

महिलाएं पहले घर में दिए जलाती हैं और फिर अपने पड़ोसियों के यहां भी दिएं रखने जाती हैं। इसके बाद लक्ष्मी पूजा का कार्य शुरू होता है। लक्ष्मी पूजा की आरती गाई जाती है और उनसे घर पधारने की विनती की जाती है। इस दिन व्यापारी देर रात लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। वे ऐसा मानते हैं की देवी लक्ष्मी मध्यरात्रि में उनके घर प्रवेश करेंगी।

दिवाली का त्यौहार सभी के द्वारा मनाया जाता है। इस समय ग्रहणीयां नया सोना खरीदना शुभ मानती हैं। इसके अलावा वे अपने लिए नई साड़ियां और अन्य कपड़े भी खरीदती हैं।

दिवाली के दिन कुछ लोग गलत गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। वे इस दिन जुआ खेलते हैं और बहुत सारी धनराशि गवा देते हैं। पटाखे जलाने से भी आसपास का वातावरण दूषित होता है और इससे कई बार लोग जल भी जाते हैं। इन सब बातो को ध्यान में रखते हुए हमें दिवाली हर्ष उल्लास और सभी के साथ मिलकर मनानी चाहिए।

दिवाली निबंध (400 शब्द)

भारत त्योहारों की भूमि के रूप में जाना जाता है। सभी त्योहारों का अपना एक अलग ही महत्व है लेकिन मेरा सबसे प्रिय त्यौहार दिवाली है। हर दिवाली मैं अपने प्रिय जनों के साथ मनाता हूं।

दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व है और पूरी दुनिया में लोग इसे मनाते हैं। इस त्यौहार का अपना एक आकर्षण है जिससे यह बच्चों को बहुत पसंद आता है। हम अपने घरों में दिए और मोमबत्ती जलाते हैं। सभी रास्तों, घरों और दुकानों पर रोशनी की जाती है। दिवाली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द दीपावली से हुई है जिसका मतलब होता है “दीपों की पंक्ति”।

दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत का त्यौहार है। एक प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार दिवाली पर घरों में रोशनी करना बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि इससे घर में समृद्धि, अच्छा भाग्य, और धन का आगमन होता है।

जब रावण ने सीता का हरण कर लिया था तब इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध करके सीता माता को उसकी कैद से मुक्त कराया था और वे उनके और भ्राता लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। तब इस असत्य पर सत्य की जीत को लोगों ने दीप जलाकर बड़े धूमधाम से मनाया था।

दिवाली की सुबह, मैं अपने परिवार के साथ मंदिर जाता हूं। इस दिन हम अच्छे कपड़े पहनते हैं। मेरे दोस्त घर पर आते हैं और माता पिता के चरण स्पर्श करते हैं। हम उन्हें मिठाई खिलाते हैं और पटाखे जलाकर दिवाली का त्यौहार बड़े जोर शोर के साथ मनाते हैं। इसके बाद हम अपने अन्य दोस्तों के घर जाते हैं।

दिवाली के अवसर पर बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। लगातार 5 दिनों तक इन का आनंद लिया जाता है। यह 5 दिन पूरे वर्ष के सबसे अच्छे दिन होते हैं।

दिवाली के अगले दिन हम अपने रिश्तेदारों के घर जाते हैं और उन्हें त्यौहार की बधाइयां देते हैं। हमारे घर पर भी बहुत से रिश्तेदार आते हैं और उनका स्वागत हम मिठाई खिलाकर करते हैं।

दिवाली प्रेम और सद्भाव का त्योहार है। यदि आपका किसी के साथ बैर है तो इस त्यौहार पर वह सब भूल कर आपस में मिलें और धूमधाम के साथ दिवाली मनाएं। दिवाली मनाने का यही प्रमुख उद्देश्य है।

 दिवाली निबंध (600 शब्द)

भारत में दिवाली का त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। विभिन्न धर्म और जातियों के लोग अपनी मान्यता के अनुसार इस पर्व को मनाते हैं। हिंदू धर्म में इस त्यौहार का बहुत अधिक महत्व है। हिंदुओं में लोग इसे अपने परिवार मित्र और सगे-संबंधियों के साथ मिल कर मनाते हैं।

दीपावली का त्यौहार मुख्यतः रोशनी का त्यौहार है। यह त्योहार हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने में दशहरे के 20 दिन बाद मनाया जाता है। इसे मनाने के संबंध में कई कहानियां प्रचलित है। इन कहानियों का बोध हमें बच्चों को भी कराना चाहिए जिससे कि वह अपनी आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में बता सके। हमें उन्हें दिवाली के महत्व और इतिहास के बारे में बताना चाहिए। दिवाली मनाने का मुख्य कारण भगवान राम की जीत से संबंधित है। इसी दिन उन्होंने राक्षस रावण का वध किया था और उस के बंधन से माता सीता को मुक्त कराया था। दिवाली का त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक है। इसी दिन  भगवान राम अपनी पत्नी सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास काटकर पुनः अयोध्या लौटे थे और अयोध्या वासियों ने उनके आगमन पर दीप जलाकर खुशियां मनाई थी। उस समय सभी जगह रोशनी की गई थी जिससे कि अंधेरे का नामो-निशान तक ना रहे क्योंकि भगवान राम की जीत अंधेरे पर प्रकाश की जीत थी। तभी से इस दिन को दीवाली के रुप में मनाते चले आ रहे हैं।

श्रीराम के आगमन पर सभी लोग बहुत प्रसन्न थे। एक दूसरे को मिठाईयां बांट रहे थे तथा बधाइयां दे रहे थे। हिंदू धर्म को मानने वाले लोग इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं और उनसे सुख-संपत्ति तथा अच्छे भविष्य की कामना करते हैं। दिवाली त्योहारों की एक श्रृंखला के रूप में आती है जिसे लगातार 5 दिनों तक मनाया जाता है। प्रथम दिवस धनतेरस के रूप में मनाया जाता है जिस दिन सोने, चांदी के जेवर या बर्तन खरीदना अच्छा माना जाता है। उसके अगले दिन छोटी दीवाली होती है। तीसरा दिन मुख्य पर्व दीवाली के रुप में मनाया जाता है जिसमें हम लक्ष्मी देवी की पूजा करते हैं और उनसे मंगल की कामना करते हैं। चोथे दिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार नए साल का आरंभ माना जाता है और पांचवी दिन भाई बहन के प्रेम को दर्शाने वाला त्यौहार भैया दूज मनाया जाता है। इस तरह इन 5 दिनों से चारों ओर हर्ष और उल्लास का वातावरण बन जाता है और सभी बुराइयां दीए की लौ में जलकर नष्ट हो जाती हैं। सभी लोग आपस में मिलते हैं जिससे उनके मन की कड़वाहट दूर हो जाती है।

दिवाली के दिन हम अपने प्रियजनों को बधाई संदेश और उपहार भेजते हैं। चारों ओर रोशनी की जाती है क्योंकि दिवाली का अर्थ ही है “दीपों की श्रंखला”। इस अवसर पर घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं और सभी मिलकर उनका सेवन करते हैं। सभी लोग आपस में मिलते हैं और खुशियां मनाते हैं। दिवाली के दिन हमें अपनी सभी बुरी आदतों का परित्याग कर देना चाहिए। इस दिन ऐसा करने से हमारे जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है। दिवाली के दिन दान करने का भी अपना अलग महत्व है। आपको अपनी क्षमता अनुसार गरीब लोगों को दान देना चाहिए। हिंदू धर्म में दान देने का बहुत बड़ा महत्व है।

दिवाली का त्यौहार हर वर्ष हमारे जीवन को एक नई दिशा देने का काम करता है। जीवन में जो भी नकारात्मकता होती है वह दिवाली के इस पावन अवसर पर नष्ट हो जाती है और एक नई ऊर्जा का संचार होता है।

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