Biography

Jawaharlal Nehru In Hindi – चाचा नेहरू की जीवनी

जवाहरलाल नेहरू आज़ाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे।  ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाली कांग्रेस पार्टी के वे सदस्य थे।  1947 से 1964 तक के अपने कार्यकाल में  उन्होंने कई  क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रिय नियम बनाये थे।  नेहरू की देखऱेख में ही प्रथम पंचवर्षीय योजना 1951 में शुरू की गयी थी।

Jawaharlal Nehru In Hindi
Jawaharlal Nehru In Hindi

प्रारंभिक जीवन – जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 में एक ब्राह्मण परिवार में इलाहबाद में हुआ था।  उनके पिता मोतीलाल नेहरू बेहतरीन वकील थे और एक राजनेता भी थे।  नेहरू के परिवार में पढाई पर बहुत जोर दिया जाता था और अंग्रेजी भाषा का भी चलन था।  उच्च शिक्षा के लिए उन्हें हैरो स्कूल में भेजा गया। इसके बाद उन्हें कैंब्रिज यूनवर्सिटी भेजा गया जहाँ उन्होंने प्राकर्तिक विज्ञानं में स्नातक किया। लन्दन में पढ़ते समय उन्होंने इतिहास, राजनीती जैसे विषय पढ़े। 1912 में वो भारत आ  गए और इलाहाबाद कोर्ट में वकालत करने लगे।

नेहरू का विवाह कमला कौल से 8  फरवरी, 1916  को हुआ था। कमला से उस परिवार में एक बाहरी व्यक्ति की तरह व्यव्हार किया जाता था क्योंकि वो ब्राह्मण नहीं थी। 1921 में असहयोग आंदोलन में उन्होंने बहुत योगदान दिया।  उन्होंने महिलाओ के समूह को एकत्रित किया और विदेशी चीज़े और शराब की दुकानों को बंद करवाया था।  19  नवंबर, 1917 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी रखा गया।

राजनीतिक जीवन – वैसे तो भारत लौटने के बाद ही वे राजनीती में सक्रिय थे, और कांग्रेस पार्टी की कई बैठको में जाते थे।  लेकिन पूर्ण तरीके से वो जलियावाला बाग़ काण्ड के बाद ही सक्रीय हुए थे।  वो गाँधी जी के पद चिन्ह्नों पर चले और सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनके साथ जेल भी गए। गांधीजी के  कहने पर ही वे अछुतो के लिए लड़े।

इसी बीच नेहरू राजनीतिक पथ  पर आगे बढे और 1920 में  इलाहाबाद नगर निगम के अध्यक्ष बने।

नेहरू सोवियत संघ के आर्थिक नियमो से काफी प्रसन्न थे, वे अपने देश में भी ऐसे ही नियम बनाना चाहते थे। 1928 में गुवाहाटी अधिवेशन के दौरान महात्मा गाँधी ने ये ऐलान किया की अगर ब्रिटिश सरकार ने भारत को आज़ाद नहीं किया तो कांग्रेस के साथ  बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जायेगा।  ऐसा माना  जाता है की नेहरू और बोस के दबाव में ही गांधीजी ने यह समय सीमा दो वर्ष से घटाकार एक वर्ष कर दी थी।

1930 में गांधीजी ने नेहरू को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा।  उसी वर्ष नेहरू को नमक नियम तोड़ने के लिए गिरफ्तार  किया  गया।  1936 में, नेहरू को पुनः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।  पार्टी की इस मीटिंग में कई लोगो ने आपत्ति जताई लेकिन फिर भी नेहरू को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया।  1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में नेहरू ने पूर्ण स्वराज पर जोर दिया।  उसी वर्ष 8 अगस्त को उन्होंने बंधी बना लिया गया और 15 जून, 1945 तक जेल  में रखा गया।  अंतिम वाइसराय लार्ड माउंटबैटन से की गयी अधिकारों की लड़ाई बहुत कठिन थी लेकिन उन्हें विजय मिली और भारत आज़ाद हुआ।

भारत के प्रधानमंत्री के रूप में – 15  अगस्त, 1947 को भारत आज़ाद हुआ।  आज़ाद भारत के जवाहरलाल नेहरू प्रथम प्रधानमंत्री बने।  लाल किले पर उन्होंने भारत का झंडा फहराया और प्रतिष्ठित भाषण दिया। अब समय आ गया था जब वो अपने द्धारा सोची गयी सारी योजनाओ को लागू कर सकते थे। तकनीक और विज्ञानं के दम पर वो अपने देश को एक विकसित देश बनाना  चाहते थे। 1949 में उन्होंने अमेरिका का प्रथम दौरा किया।

अक्टूबर 20, 1962 को लिबरेशन आर्मी ने भारत पर आक्रमण किया।  उन्होंने रिजंग और अरुणाचल प्रदेश के तवांग पर अपना कब्ज़ा कर लिया।  इस हार का कारण नेहरू तथा उनके विदेश मंत्री वी. के. कृष्णा मेनन की विदेश नीतियों को माना गया।

उन्होंने अपने द्धारा बनाई गयी  नीतियों से भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को बनाया और हज़ारो साल  पुरानी  देश की विरासत को भी बनाये रखा।  उनमे बच्चो के लिए बहुत प्रेम था इसीलिए उनके जन्मदिन को बालदिवस के रूप में मनाया जाता है।  उन्होंने भारत में कई संस्थानों की नींव राखी जिनमे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान , अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारत का प्रथम अंतरिक्ष कार्यक्रम प्रमुख है।  उन्होंने डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया नाम की एक किताब भी लिखी।

मृत्यु – 27  मई, 1964  को हृदयाघात के कारण उनकी मृत्यु हो गयी ।  यमुना नदी के किनारे शांतिवन में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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