Biography

“तेज बहादुर की जीवनी” (Biography of Tej Bahadur Yadav)

तेज बहादुर पूर्व बीएसएफ और राजनीतिज्ञ है। 2017 में, बीएसएक के तेज बहादुर जवान ने सेना में मिल रहे खाने को सार्वजनिक कर पूरे देश का माहौल बदल दिया था। उन्होंने खाने की क्वॉलिटी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने खाने का विडियो बनाकर फेसबुक पर डाल दिया था यह विडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ था जिसके चलते तेज बहादुर मीडिया में आये. अप्रैल 2019 में, तेज बहादुर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये है।

व्यक्तिगत जीवन:-

तेज बहादुर का जन्म 10 अक्टूबर 1975 को महेंद्रगड़, हरियाणा में हुआ था। उनके पिता का नाम शेर सिंह था, वह भी भारतीय सेना के जवान रह चुके। उनकी माता गृहणी थी। तेज बहादुर के दादा जी ईश्वर सिंह  भी भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। तेज बहादुर के चार भाई है जिनके नाम सुभाष चंद (गुजरात पुलिस के जवान), भीम सिंह (बीएसएफ जवान), कृषण दीप (किसान), हनुमान (किसान) है। उन्होंने अपनी शुरूआती पढाई हरियाणा से ही की थी। उसके बाद, उन्होंने स्नातक की डिग्री ली।

अगर बात करे तेज बहादुर की लव लाइफ की तो उन्होंने शर्मीला देवी से शादी की है। उनके एक बेटा था जिसका नाम रोहित था उसने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी।

करियर:-

तेज बहादुर पूर्व बीएसएफ है 2017 में, उन्होंने सेना में मिल रहे खाने को सार्वजनिक कर दिया था। 9 जनवरी को, उन्होंने  फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने जवानों को दिया जाने वाला खाना दिखाया था। उन्होंने  दाल में केवल हल्दी और नमक होने का दावा किया था। उसने साथ ही कहा था कि उन्हें जली हुई रोटी दी जाती है। उसने कहा था कि कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। तेज बहादुर ने खाने की क्वॉलिटी पर सवाल उठाए थे। उस दौरान, वह मीडिया में छाये हुए थे।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। इसके विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। BSF ने 2010 में, उन्हें  अनुशासनहीनता के लिए और  एक वरिष्ठ अधिकारी पर बंदूक तानने के लिए उनका कोर्ट-मार्शल किया गया था। उन्हें सेवा से बर्खास्त नहीं किया गया था, लेकिन उन्हें 89 दिनों का सश्रम कारावास दिया गया था।

19 अप्रैल को, तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर सीमा सुरक्षा बल का अनुशासन तोड़ने को लेकर जांच की गई थी और फिर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं बर्खास्त होने के बाद तेज बहादुर ने कहा था कि वह न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई सारे सैनिकों के लिए है।

उन्होंने ‘फौजी एकता न्याय कल्याण मंच’ नामक एक एनजीओ स्थापना की। यह भारत के सभी सैनिकों के हितों के लिए बनाई गई एक संस्था है। जिस का कार्य देश के सभी सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करना है। इस एनजीओ के माध्यम से सेना में अगर अफसरों द्वारा सैनिकों का शोषण किया जाता है तो उसके खिलाफ उनकी संस्था पूरी मजबूती से लड़ेगी। साथ ही अगर किसी सैनिक को बिना वजह कोर्ट मार्शल किया जाता है तो उस सैनिक को न्याय दिलाने में ये संस्था सहायता करेगी।

राजनितिक करियर:-

अप्रैल 2019 में, तेज बहादुर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये। वह नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेगे।

पुरुस्कार:-

उन्हें बीएसएफ में उनकी सेवा के लिए 16 बार सम्मानित किया गया है और उन्होंने सर्वश्रेष्ठ बीएसएफ ऑल राउंडर के लिए स्वर्ण पदक भी जीता है।

अन्य जानकारी:-

नाम तेज बहादुर फौजी
व्यवसाय पूर्व बीएसएफ सेवादार
राजनितिक पार्टी समाजवादी पार्टी
आयु 43 वर्ष (अप्रैल 2019के अनुसार)
ऊचाई इंच में 5’10
भार 80 कि.ग्रा.
आँखों का रंग काला
बालो का रंग काला
जन्मतिथि 10 अक्टूबर 1975
जन्मस्थान महेंद्रगड़, हरियाणा
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म हिंदुत्व
ग्रहनगर महेंद्रगड़, हरियाणा
स्कूल ज्ञात नही
विश्वविधालय ज्ञात नही
शैक्षणिक योग्यता ज्ञात नही
पिता का नाम शेर सिंह (भारतीय सेना के जवान)
माता का नाम ज्ञात नही
दादा का नाम ईश्वर सिंह (भारतीय स्वतंत्रता सेनानी)
बहन का नाम ज्ञात नही
भाई का नाम सुभाष चंद (गुजरात पुलिस के जवान), भीम सिंह (बीएसएफ जवान), कृषण दीप (किसान), हनुमान (किसान)
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी का नाम शर्मीला देवी
बच्चे बेटा- रोहित (आत्महत्या कर ली)
शौक ज्ञात नही
पसंदीदा अभिनेता ज्ञात नही
पसंदीदा अभिनेत्री ज्ञात नही
नेट वर्थ ज्ञात नही

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