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The List of Fools- मुर्ख लोगों की सूची – Akbar Birbal Stories in Hindi

The List of Fools Akbar Birbal Stories in Hindi

एक बार शहंशाह अकबर अपने मंत्रियों से बातें कर रहे थे और यह कह रहे थे कि हमारी सभा में बहुत से अकलमंद लोग हैं दरअसल हम केवल बुद्धिमान और अकलमंद लोगों से मिलकर उब चुके हैं. अब हमें लगता है कि हमें कुछ मूर्ख लोगों से भी मिलना चाहिए.

बादशाह की यह बात सुनकर सभी मंत्री उन्हें आश्चर्य से देखने लगे. बादशाह ने कहा वैसे तो हमारे आसपास बुद्धिमान लोग ही होनी चाहिए पर हमें लगता है कि हमारा कुछ बेवकूफ लोगो से मिलना भी दिलचस्प साबित होगा.

उन्होंने बीरबल से कहा – हे बीरबल हमने आज तक आपको जो भी चुनौती दी है आपने उसे कामयाबी से सुलझाया है. अब आप ऐसे 6 लोगो का पता लगाइए जिन्हें हम अपनी सल्तनत के सबसे बड़े पागल कह सके.

बीरबल ने भी बड़े आश्चर्य से पूछा क्या आपकी यही इच्छा है? जहांपनाह!

शहंशाह ने कहा – बिल्कुल. आपके पास 1 महीने का समय है उन्हें ढूंढने के लिए.

बीरबल ने कहा – वैसे मुझे नहीं लगता कि इस काम के लिए मुझे इतना समय लगेगा.

शहंशाह ने कहा ठीक है आप उन्हें जल्दी ढूंढ सकते हैं. और बीरबल मूर्खों को ढूंढने के लिए निकल पड़ते हैं.

रास्ते में उन्हें एक गधे पर बैठा आदमी मिलता है. उसने अपने सर पर चारे का गट्ठर रख होता है. उसे देख कर बीरबल कहते हैं की मेरी बड़ी इच्छा है कि मैं आपके बारे में जानूं. आप कौन हैं और कहां जा रहे हैं?

उस व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम रामू है और वह एक धोबी है. आज वह अपने गधे के लिए कुछ चारा लेकर लौट रहा हैं.

बीरबल ने उससे पूछा कि तुम इस बोझे को अपने सर पर क्यों लादे हुए हो बजाय इस गधे पर रखने के.

उस व्यक्ति ने कहा कि मुझे लगा इतने लंबे सफ़र से गधा थक गया होगा और मुझे इसका बोझ कुछ हल्का करना चाहिए इसलिए मैंने यह बोझ अपने सर पर रख लिया.

बीरबल ने सोचा मुझे मेरा पहला पागल मिल गया है. उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि तुम मेरे साथ शहंशाह की के महल चलो. मैं तुम्हें उनसे इनाम दिलवाऊंगा. यह सुनकर है वह आदमी बड़ा खुश हुआ और बीरबल के साथ चल दिया.

थोड़ा दूर चलने पर बीरबल को दो और लोग लड़ते हुए दिखाई दिए. पहला आदमी दूसरे को कह रहा था कि मैं अपना शेर तेरी गाय पर छोड़ दूंगा. फिर दूसरा आदमी कहता है अरे यह तो गलत बात हुई ना. तुम्हें इससे क्या मिलेगा?? इस पर पहला आदमी कहता है मुझे कुछ नहीं मिलेगा बस खुशी मिलेगी.

बीरबल ने उनसे कहा लड़ना बंद करो और मुझे बताओ तुम्हारी समस्या क्या है?

दूसरे व्यक्ति ने कहा हुजूर यह मेरा दोस्त गंगू है और हम दोनों लकड़हारे हैं

बीरबल ने पूछा तो फिर समस्या क्या है. दूसरे व्यक्ति ने कहा यह मेरी गाय के ऊपर अपना शेर छोड़ने की धमकी दे रहा है.

बीरबल ने आश्चर्य से पूछा – शेर कहां पर है?

दूसरे व्यक्ति ने कहा जब भगवान हमें वरदान देंगे तो मैं गाय मांगूंगा और यह शेर.

तभी पहला व्यक्ति कहता है और फिर मैं अपना शेर इसकी गाय पर छोड़ दूंगा. बीरबल ने अपने मन में कहा – मुझे दो और पागल मिल गए हैं. उन्होंने कहा – लड़ाई बंद करो. मैं चाहता हूं कि तुम दोनों मेरे साथ चलो. मैं तुम्हें बादशाह से इनाम दिलवाऊंगा.

इनाम की बात सुनकर वह दोनों भी बहुत खुश हुए और बीरबल के साथ चलने के लिए राजी हो गए. राजा बीरबल ने उन तीनों को अपने महल में रुकवाया और कहां आज रात बहुत हो गई है. आप यहीं रुकिए कल हम बादशाह के दरबार में चलेंगे. मैं अभी किसी काम से बाहर जा कर आता हूं और यह कहकर वे और पागलो की तलाश में निकल पड़े.

रास्ते में उन्होंने देखा एक आदमी फूलों की झाड़ियों में कुछ ढूंढ रहा है. उन्होंने उसके पास जाकर पूछा कि तुम यहां पर क्या कर रहे हो?

आदमी ने कहा – मेरी अंगूठी उस पेड़ के नीचे गिर गई है. बीरबल ने कहा तो तुम उसे यहां पर क्यों ढूंढ रहे हो? तुम्हें तो उसे पेड़ के नीचे ढूंढना चाहिए.

उस व्यक्ति ने कहा वहां पर अंधेरा है इसलिए मैं यहां पर दीपक के नीचे रोशनी में ढूंढ रहा हूं. बीरबल को पता चल गया था कि उन्हें एक और मुर्ख मिल गया है.

उन्होंने उस व्यक्ति से कहा – तुम मेरे साथ चलो. मैं बादशाह से कह कर तुम्हे एक नई अंगूठी दिलवा दूंगा. इस अंगूठी को भूल जाओ.

अगले दिन बीरबल उन चारों को लेकर दरबार में पहुंचे.

बीरबल को देख कर बादशाह ने पूछा तो क्या तुमने पागलों को ढूंढ निकाला? बीरबल ने कहा – जी हां हुजुर.

बादशाह ने कहा – तो क्या हमारे शहर में इतने सारे पागल है?

बीरबल ने कहा – नहीं जनाब, मेरी खुशकिस्मती से ही मुझे सारे पागल एक ही दिन में मिल गयें.

बीरबल ने उन चारों व्यक्तियों से जुड़ी बात शहंशाह को बताई. शहंशाह ने कहा यह तो बहुत ही दिलचस्प है और ऐसा कहते हुए वे जोर-जोर से हंसने लगे.

उन्होंने कहा पर यह तो सिर्फ चार ही पागल है बाकी दो पागल कहां पर है? क्या तुम्हें वह अभी तक नहीं मिले?

बीरबल ने कहा – जहांपनाह, मैं इनसे भी बड़े दो पागलों को जानता हूं.

शहंशाह ने कहा – कहां है वे? हम उनसे मिलना चाहते हैं.

बीरबल ने कहा – जहांपनाह इन सबसे बड़ा पागल मैं हूं.

शहंशाह ने कहा – बीरबल यह तुम क्या कह रहे हो?

बीरबल ने कहा – मैं इन सबसे बड़ा पागल हूं क्योंकि मैं ही इन पागलों को ढूंढने का पागलपन करने चला था.

शहंशाह ने कहा – हमें तुमसे दूसरे बड़े पागल का नाम पूछने से डर लग रहा है पर फिर भी तुम बता सकते हो.

बीरबल ने कहा – गुस्ताखी माफ हो हुजूर, पर हम सबसे बड़े पागल हैं आप! क्योंकि आपको ही पागलों से मिलने की इच्छा थी.

बीरबल की हर बात सुनकर बादशाह जोर-जोर से हंसने लगे और सभा के सभी मंत्री भी जोर-जोर से हंसने लगे.

बादशाह ने कहा बीरबल तुम्हारा कोई जवाब नहीं है. बहुत खूब.

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