एक चाहत थी तेरे_संग_जीने_की वरना,
मौहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।।


अजीब सी बस्ती में ठिकाना है,
मेरा जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है.


चाहने वालो को नही मिलते चाहने वाले.!
हमने हर दगाबाज़ के साथ सनम देखा है..!!


मेरे घर से मयखाना इतना करीब न था,
ऐ दोस्त कुछ लोग दूर हुए तो मयखाना करीब आ गया.


बहुत अज़ीब होती है ये यादें भी मोहब्बत की..जिन पलों में हम रोए थे,
उन्हें याद करके हमें हसीं आती है…और जिन पलों में हसें थे ..
उन्हें याद करके रोना आता है॥


कुछ रिशते ऐसे होते हैं..जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है।

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Life में एक partner होना जरुरी है. वर्ना दिल की
बात status पर लिखनी पड़ती है…!!


खामोश हूँ तो सिर्फ़ तुम्हारी खुशी के लिए…..
ये न सोचना की मेरा दिल दुःखता नहीं ….!!


दर्द काफी है बेखुदी के लिए, मौत काफी है ज़िन्दगी के लिए,
कौन मरता है किसी के लिए, हम तो ज़िंदा है आपके लिए…


अपनी तो ज़िन्दगी ही अजीब कहानी है..
जिस चीज़ को चाहा वो ही बेगानी है…
हँसते है तो सिर्फ दोस्तों को हसाने के लिए …
वरना इन आँखों में में पानी ही पानी है…


आँसू आ जाते हैँ आखोँ मेँ रोने से पहले…
खुआब टूट जाते हैँ पूरे होने से पहले….
प्यार गुनाह है यह तो समझ गए…
काश कोई रोक लेता यह गुनाह होने से पहले।


एक “सफ़र” ऐसा भी होता है दोस्तों……
जिसमें “पैर” नहीं “दिल” थक जाता है…


सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना..
बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी…


तू मुझमें पहले भी था ,तू मुझमें अब भी है…
पहले मेरे लफ्जों में था अब मेरी खामोशियों में है।