बेवफा कहने से पहले मेरी रग रग का खून निचोड़ लेना,
कतरे कतरे से वफ़ा ना मिले तो बेशक मुझे छोड़ देना.


कल रात मैंने अपने सारे ग़म,
कमरे की दीवार पर लिख डाले,
बस फिर हम सोते रहे और दीवारे रोती रही.


क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा उससे ज़िन्दगी का हिसाब,
ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने.


लुट लेते है अपने ही वरना,
गैरों को कहां पता इस दील की दीवार कहां से कमजोर है.


हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का,
बड़ी सादगी से कहते है मजबूर थे हम.


इरादा कत्ल का था तो ~मेरा सर कलम कर देते,
क्यू इश्क मे डाल कर तुने ~हर साँस पर मौत लिख दी.

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धोखा देने के लिए ‪#‎शुक्रिया‬ पगली कि,
#‎तुम‬ ना मिलती तो ‪#‎दुनिया_समझ‬ में ‪#‎ना‬ आती.


हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की,
आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.



मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर जरा सम्भल के,
ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए.


नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर,
कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए….तो भी दिल धड़क जाता है.


जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया,
खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको जुदा कर दिया.


निकलते आँसुओं को देखकर सोचती हैं आँखें,
आखिर और कितना वक़्त लगेगा सारे ख्वाबों को बहने में.